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तरलता और विश्वसनीयता

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यह जुर्माना उस मामले में दिया गया अब तक का सबसे अधिक जुर्माना था, जहां पीआरए ने अकेले कार्रवाई की थी।

रेपो दर वृद्धि के साथ, आरबीआई ने वह किया है जो आवश्यक है

भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों के लिए नेट स्थिर अनुदान अनुपात पर दिशानिर्देश जारी किए

भारतीय रिजर्व बैंक ने 28 मई 2015 को बैंकों के लिए तरलता मानक पर बेसल तरलता और विश्वसनीयता तृतीय फ्रेमवर्क के तहत नेट स्थिर अनुदान अनुपात (एनएसएफआर) पर दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं.

भारतीय रिजर्व बैंक ने 28 मई 2015 को बैंकों के लिए तरलता मानक पर बेसल तृतीय फ्रेमवर्क के तहत नेट स्थिर अनुदान अनुपात (एनएसएफआर) पर दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं.

देश के सभी बैंक अपनी परिसंपत्तियों और बैलेंस शीट से सम्बंधित मामलों में वित्तीय स्थिति को स्थिर रख सकें इसी उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों में एनएसएफआर को 1 जनवरी 2018 से लागू करने के लिए प्रस्तावित किया है.

एक स्थायी वित्त पोषण संरचना की वजह से बैंक तरलता की स्थिति में बैंक के नियमित वित्तीय स्रोतों में ह्रास की संभावना को एनएसएफआर ख़त्म कर सकता है. वित्तीय स्रोतों में ह्रास असफलता के जोखिम को बढ़ाएगा और व्यापक रूप से बैंकों की प्रक्रिया को प्रभावित करेगा.

एस एण्ड पी ने कहा है भारत की बाह्य तरलता स्थिति में उम्मीद तरलता और विश्वसनीयता से ज्यादा कमजोरी आने से भी तरलता और विश्वसनीयता उसपर रेटिंग को कम करने का दबाव बढ़ेगा।

सरकार द्वारा जीएसटी विधेयक को पारित कराने और राजनीतिक दलों के बीच इसके लिये आम सहमति कायम करने में सफल रहने की प्रशंसा करते हुये रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि इससे वर्ष 2017 की पहली छमाही में व्यापक कर सुधार अमल में आ तरलता और विश्वसनीयता सकते हैं।

एजेंसी ने अन्य सुधारों में व्यावसायिक माहौल को बेहतर बनाना, श्रम बाजार में लचीलापन बढ़ाना और उर्जा क्षेत्र में सुधारों को अहम बताया है।

भारत की रेटिंग बढ़ने की आशाओं पर एजेंसी ने कहा कि 2016 में भारत की तरलता और विश्वसनीयता 1,700 डालर की प्रति व्यक्ति निम्न जीडीपी रहा है। हालांकि भारत की वृद्धि दर उसके समकक्ष दूसरे देशों से अधिक रही है और यह आगे बढ़ रही है।

IL&FS के लिए सरकार करेगी नकदी का इंतजाम, संकट के बाद भी भारी वेतन और लाभांश देकर कंपनी ने खोई विश्‍वसनीयता

Edited by: India TV Paisa Desk
Updated on: October 01, 2018 18:25 IST

IL&FS- India TV Hindi

Photo:IL&FS

नई दिल्‍ली। सरकार ने सोमवार को कहा कि वह कर्ज के जाल में फंसी गैर-बैंकिंग वित्‍तीय कंपनी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर लीजिंग एंड फाइनेंस सर्विसेस (आईएलएंडएफएस) के लिए आवश्‍यक धन का प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि कंपनी को आगे किसी अन्‍य कर्ज भुगतान में और चूक न करनी पड़े। एनसीएलटी की मुंबई बेंच द्वारा सरकार को आईएलएंडएफएस के बोर्ड को भंग करने की अनुमति दिए जाने के बाद वित्‍त मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि वित्‍तीय बाजार में विश्‍वास को पुन: बहाल करने के लिए यह कदम उठाना जरूरी हो गया था और उम्‍मीद है कि वित्‍तीय संस्‍थान एनबीएफसी को तरलता प्रदान करेंगे।

IL&FS वित्‍तीय सेवाओं के MD और तरलता और विश्वसनीयता CEO रमेश बावा ने दिया इस्‍तीफा, जानिए वित्‍तीय संकट का पूरा सच

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि यह बहुत जरूरती हो गया है कि अब किसी अन्य कर्ज के भुगतान में चूक को तत्काल रोका जाए तथा पहले हो चुकी चूक के समाधान के लिए कदम उठाए जाएं। मंत्रालय तरलता और विश्वसनीयता ने कहा कि इसके लिए संपत्तियों की बिक्री, कुछ देनदारियों के पुनर्संरचना तथा निवेशकों एवं कर्जदाताओं की ओर से नया धन उपलब्ध कराए जाने जैसे कई कदम उठाने की जरूरत होगी। आईएलएंडएफएस के निदेशक मंडल में बाजार का भरोसा तथा कंपनी को फिर से खड़ा किए जाने की जरूरत है।

मंत्रालय ने आगे कहा है कि यह देखने में आया है कि नकदी संकट के बावजूद कंपनी ने लगातार लाभांश और तरलता और विश्वसनीयता प्रबंधक स्‍तर के अधिकारियों को भारी वेतन देना जारी रखा। यह दिखाता है कि प्रबंधन पूरी तरह से अपनी विश्‍वसनीयता खो चुका है। इतना ही नहीं मंत्रालय को आईएलएंडएफएस और इसकी सब्सिडियरी से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ कुछ गंभीर शिकायतें भी मिली हैं, जिनके खिलाफ एसएफआईओ जांच के आदेश दिए जा चुके हैं।

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