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मुख्य क्रिप्टोकरेंसी

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दिल्ली में होगा 'नो मनी फॉर टेरर सम्मेलन' आतंकियों द्वारा क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल जैसी चुनौतियों पर होगी चर्चा

नो मनी फॉर टेरर मंत्रिस्तरीय सम्मेलन 18-19 नवंबर को दिल्ली में आयोजित किया जाएगा. सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में आतंकवादियों द्वारा क्रिप्टोकरेंसी और क्राउडफंडिंग जैसी उभरती चुनौतियों पर खास चर्चा होने की संभावना है.

दिल्ली में होगा

नई दिल्ली, 11 नवंबर : नो मनी फॉर टेरर मंत्रिस्तरीय सम्मेलन 18-19 नवंबर को दिल्ली में आयोजित किया जाएगा. सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में आतंकवादियों द्वारा क्रिप्टोकरेंसी और क्राउडफंडिंग जैसी उभरती चुनौतियों पर खास चर्चा होने की संभावना है. बता दें कि ये अपने तरह का तीसरा सम्मेलन है. सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. जानकारी के मुताबिक इस सम्मेलन में एग्मोंट समूह के सदस्य देशों के मंत्रियों, राजनयिकों और आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञों के बैठक में भाग लेने की उम्मीद है, जो एक उच्च पदस्थ स्रोत है और यह विकास की जानकारी रखता है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में होने वाली इस बैठक में आतंकवाद के लिए धन के औपचारिक और अनौपचारिक चैनलों के उपयोग, आतंकवाद और आतंकवाद के वित्तपोषण में वर्तमान वैश्विक रुझानों पर विचार-विमर्श होगा. यही नहीं आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने में आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय बनाने की बात भी की जाएगी. यह भी पढ़ें : हिमाचल प्रदेश, गुजरात में चुनाव पूर्व रिकार्ड नकदी, शराब, उपहार जब्त: निर्वाचन आयोग

सूत्रों ने बताया कि आतंकवाद के लिए क्रिप्टोकरेंसी और क्राउडफंडिंग का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है. यही नहीं इसके लिए आतंकियों द्वारा डार्क वेब की तरफ मुख्य क्रिप्टोकरेंसी ध्यान देना भी बड़ी समस्या बनी हुई है. ये सब इस बैठक का एक मुख्य एजेंडा होगा. सूत्रों ने बताया कि आतंकवाद के वित्तपोषण के सभी पहलुओं के तकनीकी, कानूनी, नियामक और सहयोग पहलुओं पर चर्चा को शामिल करना इस बैठक का मकसद होगा.

जानकारी के मुताबिक इस तरह का पहला सम्मेलन 2018 में पेरिस में हुआ था, उसके बाद 2019 में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित किया गया था. वहीं भारत को इसकी मेजबानी 2020 में करनी थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था. नो मनी फॉर टेरर सम्मेलन का आयोजन 100 से अधिक देशों की वित्तीय खुफिया इकाइयों द्वारा किया जाता है. गौरतलब है कि हाल के दिनों में भारत में यह दूसरा बड़ा सम्मेलन है, जो आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर होगा. पिछले महीने ही भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद निरोधी समिति की बैठक की मेजबानी की थी.

no money for terror conference to be held in delhi to discuss challenges like use of cryptocurrencies by terrorists

क्रिप्टोकरेंसी क्यों खरीदें जब आप इसे खुद जारी कर सकते हैं

​क्रिप्टोकरेंसी को जारी करने की कोई लिमिट नहीं है और इस वजह से इसके वैल्युएशन में जान बूझकर तेजी बनाई जा रही है

क्रिप्टोकरेंसी क्यों खरीदें जब आप इसे खुद जारी कर सकते हैं

ट्यूलिप में बुलबुला नवंबर 1636 से मई 1637 तक चला. यह किसी प्रोडक्ट में बुलबुला बनने का ऐसा उदहारण है जो मुख्य क्रिप्टोकरेंसी किताबों में शामिल हो गया है. इस समय बिटकॉइन के मामले में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है.

बिटकॉइन के ब्लॉक चेन के महत्व से किसी को इनकार नहीं है. यह वाकई में बेहतरीन है. ब्लॉक चेन का इस्तेमाल कई तरीके से करेंसी के ट्रांजेक्शन के लिए किया जा सकता है.

इसकी स्टोर वैल्यू गोल्ड या किसी और चीज की तरह महत्वपूर्ण हो सकती है. इसमें कॉन्ट्रेक्ट भी किया जा सकता है. मुख्य रूप से इसकी वजह यह है कि कॉन्ट्रैक्ट्स के रिकॉर्ड कीपर की तरह ब्लॉक चेन तकनीक बहुत महत्वपूर्ण है.

लेकिन इससे बिटकॉइन की वैल्यू बढ़ने का कोई मतलब नहीं है.

यह वास्तव में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस या वर्चुअल रियलटी तकनीक की तरह मूल्यवान है. कुछ लोग बिटकॉइन को एक करेंसी मानते हैं, तो कुछ इसे क्रिप्टो करेंसी कहते हैं.

कुछ लोग इसके पक्ष में तर्क देते हैं कि यह डॉलर, रुपया या पौंड की तरह परंपरागत मुद्रा का विकल्प साबित हो सकती है.

बिटकॉइन को कोई सेंट्रल बैंक जारी नहीं करता. यह एक समुदाय है जो इसे जारी करता है और बिटकॉइन को वेरीफाई करता है. सरकार बिटकॉइन में न तो दखल दे सकती है और न ही इसे नियंत्रित करने के प्रयास कर सकती है.

कुछ लोगों के लिए आश्चर्यजनक रूप से यह आजादी बिटकॉइन को अधिक मूल्यवान और भरोसेमंद बनाती है.

इसके साथ ही बिटकॉइन जारी करने की एक सीमा है. इस समय सीमा 2.1 करोड़ है. यह बात इसे खास बना देता है और गोल्ड की आपूर्ति की तुलना में अधिक वैल्युएबल बनाता है.

बिटकॉइन को भी गोल्ड की तरह वैल्यू वाला बताया जाता है और कहा जाता है कि यह डिजिटल गोल्ड है. यहां भी एक पेच है.

क्रिप्टोकरेंसी जारी करने की कोई सीमा नहीं है और इसे किसी भी संख्या में जारी किया जा सकता है. इस समय बाजार में 1300 से अधिक करेंसी मौजूद है. दुनिया में इस समय जिस बात पर बहस चल रही है उसमें इनिशियल कॉइन ऑफरिंग (आईसीओ यानी ICO) मीनिया है.

बिटकॉइन के अलावा लाइटकॉइन, इथेरम, मोनेक्रो जैसी चीजें हैं. इन्हीं से पोंजी स्कीम की गंध आने लगती है.

Master (24)

आप भी एक नई क्रिप्टोकरेंसी शुरू कर सकते हैं. अगर आपमें कोडिंग स्किल है या आप किसी एक्सपर्ट प्रोग्रामर से संपर्क कर सकते हैं. इस हिसाब से क्रिप्टोकरेंसी के जारी होने पर कोई सीमा की बात समझ में नहीं आती.हर करेंसी में हालांकि खुद से एक सीमा तय कर दी जाती है कि कितनी करेंसी जारी की जाएगी. बिट कॉइन में भी यही हो रहा है.

किसी भी नई मुख्य क्रिप्टोकरेंसी मुद्रा के मामले में माइनर बहुत से नए कॉइन निकलता है. कॉइन जारी करने की दर इस हिसाब से घटती रहती है. यही वजह है कि शुरुआती दिनों में माइनर्स पर इसका असर रहता है.

अब हम आपको क्रिप्टोकरेंसी जारी होने के खेल को समझाते हैं:
• किसी कोडर को खोजिये और नई करेंसी जारी कर दीजिये.
• ICO (शुरुआती कॉइन ऑफरिंग) की पहली करेंसी को लोकप्रिय बनाइये.
• ICO में भागीदारी के लिए कई कारोबारियों से संपर्क करें
• ICO के बाद असीमित क्रिप्टो करेंसी जारी कर खूब ट्रेडिंग वॉल्यूम हासिल करिए.

क्रिप्टो करेंसी जारी करने की मुख्य क्रिप्टोकरेंसी मुख्य क्रिप्टोकरेंसी कोई सीमा नहीं होने की वजह से शुरुआत में मांग-आपूर्ति के अंतर की भी कोई वजह नहीं होती. यह वाकई में क्रिप्टो करेंसी के पूरे इको सिस्टम में ही समस्या नहीं है. यह दरअसल एक पोंजी स्कीम की तरह ही है जहां अधिक से अधिक ट्रेडर को बुलाने की कोशिश की जाती है और उस हिसाब से क्रिप्टो करेंसी की वैल्यू बढ़ाई जाती है.

इसके बाद जब करेंसी का ट्रेडिंग वॉल्यूम और उसकी लोकप्रियता बढ़ती है तो कृत्रिम रूप से उसकी मांग बढ़ती है.

यह निवेश या एसेट क्लास के रूप में सट्टेबाजी के जरिये पैसे बनाने का एक परफेक्ट माध्यम लग सकता है. खास तौर पर अगर कोई इस तरह के टर्म से इसे सुशोभित करना चाहे.

यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि हर चमकने वाली चीज सोना नहीं होती.

(लेखक ओमनी साइंस कैपिटल के सीईओ हैं. यहां व्यक्त विचार निजी हैं.)

क्रिप्टोकरेंसी क्यों सोने की जगह नहीं ले सकती?

Know why gold is a better investment than cryptocurrency

एक आदर्श निवेश की खोज करते समय, शायद आपने ‘क्रिप्टोकरेंसी’ का नाम सुना होगा। 2017 की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाली डिजिटल परिसम्पत्तियों में से एक, क्रिप्टोकरेंसी ने विश्व में विकेंद्रीकृत डिजिटल मुद्रा के रूप में ख़ुद को स्थापित करके सुर्ख़ियों में अपनी जगह बनायी थी।

पिछले वर्ष में क्रिप्टोकरेंसी की घातीय मूल्य वृद्धि से एक बहस उठी कि क्रिप्टोकरेंसी की सोने से तुलना होनी की सम्भावना है और निवेश परिसम्पत्ति के रूप में वे उसके बदले प्रयोग भी हो सकते हैं। कुछ वित्तीय टिप्पणीकारों ने तर्क दिया सोने और क्रिप्टोकरेंसी की आपूर्ति प्रोफाइल में समानताएँ भी हैं और यह भी एक तथ्य है कि उन दोनों में से कोई भी सरकार द्वारा जारी की गयी विनिमय इकाई नहीं है। लेकिन विशेषज्ञ इस बात से एकमत नहीं हैं।

सोने के मुक़ाबले क्रिप्टोकरेंसी एक बिल्कुल अलग निवेश प्रस्ताव दर्शाते हैं। शुरु करें तो, निवेश के रूप में सोना बहुत कम अस्थिर और बहुत ज़्यादा तरल है। क्रिप्टोकरेंसी को सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक भुगतान में, प्रयोग के लिए ही बनाया गया है, जबकि सोने की मांग बहुत विविध है। एक और फर्क यह है कि सोना एक भौतिक वस्तु है जबकि क्रिप्टोकरेंसी काल्पनिक मुद्राएँ हैं, जिससे ख़रीददारों का विश्वास बढ़ता है क्योंकि एक विनियमित व पारदर्शी बाज़ार में इसे ख़रीदा-बेचा जा सकता है।

इसके अलावा, सोने का क्रय-विक्रय बाज़ार में पूरी तरह से अधिकृत और विनियमित है। हालाँकि क्रिप्टोकरेंसी के लिए वैश्विक विनिमय केंद्र हैं, लेकिन अकसर ये स्व-विनियमित होते हैं और सरकार द्वारा समर्थन-प्राप्त भी नहीं होते। 2018 के अपने केंद्र बजट में राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि, सरकार क्रिप्टोकरेंसी को भुगतान के लिए एक वैध तरीके के रूप में मान्यता नहीं देती और अवैध लेन-देन के लिए क्रिप्टो परिसम्पत्तियों के प्रयोग को ख़त्म करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।

विचार करने योग्य एक और कारक यह भी है कि क्रिप्टोकरेंसी में आपस में ही बहुत प्रतिस्पर्धा है। वर्तमान में, 1,400 से ज़्यादा क्रिप्टोकरेंसी उपलब्ध हैं, और जबकि बिटकॉएन अब तक की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी है, नयी प्रौद्योगिकी से बिट्कॉएन समेत, किसी भी क्रिप्टोकरेंसी के मूल्य और उसकी आपूर्ति पर विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है।

इसलिए, जहाँ क्रिप्टोकरेंसी वैश्विक वित्तीय बाज़ार में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है, वहीं सोना अपने गहन आंतरिक आर्थिक मूल्य को बनाए रखेगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि सोना एक महत्त्वपूर्ण परिसम्पत्ति है जो मुद्रास्फीति के ख़िलाफ मुख्य क्रिप्टोकरेंसी बचाव के रूप में कार्य करती है और यह सम्पत्ति-संरक्षण व मूल्य-वृद्धि के लिए आदर्श है।

इस तथ्य से काफी तसल्ली मिली है कि 2017 में सोने के दर का ग्राफ क्रिप्टोकरेंसी के वैश्विक उछाल से अप्रभावित रहा, जिसका अर्थ यह भी है कि क्रिप्टोकरेंसी की मांग में वृद्धि सोने की मांग को प्रभावित नहीं कर सकती। नीचे दिया गया वीडियो देखने से आपको समझ आ जाएगा कि सोना व क्रिप्टोकरेंसी एक-दूसरे से भिन्न कैसे हैं।

क्रिप्टो निवेशकों का हुआ बुरा हाल, डिजिटल करेंसी में आई भारी गिरावट

डिंपल अलावाधी

हाल ही में इटली के मशहूर लग्जरी ब्रांड गुची के अमेरिका स्थित कुछ स्टोर्स में ग्राहकों को क्रिप्टोकरेंसी से खरीदारी करने की अनुमति दी गई थी।

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  • पूरी दुनिया में क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) का क्रेज लगातार बढ़ रहा है।
  • वित्त मंत्री ने डिजिटल एसेट्स से आय पर टैक्स लगाने की घोषणा की थी।
  • क्रिप्टोकरेंसी की कीमत गिरने से निवेशकों को भारी नुकसान हुआ मुख्य क्रिप्टोकरेंसी है।

नई दिल्ली। आज सोमवार को ज्यादातर क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में भारी गिरावट आई। इससे निवेशकों को क्रिप्टो में निवेश करने वालों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। टॉप-10 डिजिटल करेंसी में से ज्यादातर करेंसी में गिरावट दर्ज की गई। आज शाम 4:40 बजे दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी में से एक बिटकॉइन (Bitcoin) में 5.36 फीसदी की गिरावट आई। अब इसकी कीमत (Bitcoin Price) 33,000 डॉलर से भी नीचे आ गई है।

ग्लोबल मार्केट कैप में आई कमी
इस दौरान क्रिप्टो मार्केट का ग्लोबल मार्केट कैप कम होकर1.50 खरब डॉलर हो गया है। मुख्य क्रिप्टोकरेंसी मुख्य क्रिप्टोकरेंसी पिछले 24 घंटों में इसमें 5.68 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं इस अवधि में क्रिप्टो बाजार का वॉल्यूम, यानी कारोबार किए गए सिक्कों की कुल राशि 4.47 फीसदी बढ़ा और 104.24 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

आइए जानते हैं आज शाम 4:40 बजे टॉप क्रिप्टोकरेंसी की कीमत में पिछले 24 घंटों में कितना बदलाव आया है।

  • पिछले 24 घंटों में बिटकॉइन 5.36 फीसदी गिरकर 32934.50 डॉलर पर पहुंच गई।
  • इथेरियम में 7.28 फीसदी की गिरावट आई और यह 2383.78 डॉलर पर पहुंच गया।
  • टेथर सपाट स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसकी कीमत 1 डॉलर है।
  • बीएनबी 8.15 फीसदी लुढ़ककर 329.58 डॉलर पर पहुंच गया।
  • यूएसडी कॉइन में 0.01 फीसदी की मामूली गिरावट आई और 1 डॉलर पर पहुंच गई।
  • XRP में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। यह 7.43 फीसदी लुढ़ककर 0.5333 डॉलर पर पहुंच गया।
  • सोलाना भी 9.88 फीसदी फिसली और 71.35 फीसदी पर पहुंच गई।
  • कार्डानो में सबसे ज्यादा यानी 12 फीसदी मुख्य क्रिप्टोकरेंसी से भी ज्यादा की गिरावट आई। इसका दाम 0.6587 डॉलर है।
  • टेर्रा 4.79 फीसदी लुढ़ककर 61.08 डॉलर पर है।
  • वहीं टेर्रा यूएसडी 0.10 फीसदी महंगा होकर 0.9963 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया।

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मुख्य क्रिप्टोकरेंसी

क्रिप्टोकरेंसी पर शिकंजा कसने की तैयारी में भारत सरकार, केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के विधेयक को मंजूरी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज, कंगना रनौत पर महाराष्ट्र पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 9883 नए मामले आए सामने और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने लोकतंत्र पर सम्मेलन में 110 देशों को बुलाया.

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